अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम Strait of Hormuz को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ‘थोड़े और समय के बाद हम आसानी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल सकते हैं, तेल ले सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं।’ यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल और Iran के बीच जारी संघर्ष दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। हालांकि ट्रंप प्रशासन लगातार यह दावा करता रहा है कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि Strait of Hormuz वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य या राजनीतिक हलचल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है। ट्रंप के बयान को कई विश्लेषक Iran पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
ईरान की सख्त चेतावनी, जवाबी कार्रवाई के संकेत
इस बीच Iran ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कड़ा रुख अपनाया है। खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि यदि देश के पुलों, बिजली संयंत्रों या ऊर्जा ढांचे पर कोई हमला हुआ तो अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के ठिकानों पर पहले से कहीं ज्यादा विनाशकारी जवाब दिया जाएगा।
प्रवक्ता ने उन देशों को भी आगाह किया है, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं, कि वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी बलों को अपने क्षेत्र से हटाने पर विचार करें।
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी रणनीतिक और ऊर्जा संबंधी परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। मौजूदा हालात में ट्रंप का यह बयान न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है, बल्कि वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल की आशंका भी पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर Strait of Hormuz में किसी बड़े टकराव की स्थिति बनती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
