मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सच्चा वादा और पक्का काम, यही हमारी सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया है। जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। मैं प्रदेश के सभी किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि उनकी मेहनत, पसीना और आपका भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की असली ताकत है। आइए, हम सब मिलकर “किसान कल्याण वर्ष” में मध्यप्रदेश को कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को प्रदेश की जनता के नाम दिये संदेश में कहा कि मैं अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे मध्यप्रदेश की सेवा का अवसर मिला है और उसी सेवा भाव से मैं अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हूं। जब से मैंने मुख्यमंत्री के रूप में इस महत्वपूर्ण पद की शपथ ली है, तब से पूरा मध्यप्रदेश ही मेरा परिवार है, प्रदेशवासियों का सुख ही मेरा सुख है और उनका दुख ही मेरा दुख है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की तीव्र गति के विकास का मुख्य आधार हमारे प्रिय किसान भाई-बहन हैं। मैं प्रदेश के समस्त अन्नदाताओं को नमन करता हूं। हमारी सरकार किसानों की खुशहाली और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। हम न केवल किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए संकल्पित हैं, बल्कि उनके जीवन में सुख और आनंद के सूर्योदय का भी प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाये बिना प्रदेश के सर्वांगीण विकास की कल्पना अधूरी है। हमारी सरकार किसानों के हर सुख-दुख में साथ है। इसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार निरंतर किसान हितैषी ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। आज मैं ऐसे विषय पर संवाद कर रहा हूं, जो हमारे प्रदेश की आत्मा, हमारे अन्नदाता यानी किसानों से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है और इसी भावना के साथ इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं प्रदेशवासियों से यह साझा करना चाहता हूं कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह 22 लाख मीट्रिक टन की अभूतपूर्व वृद्धि न केवल हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है, बल्कि उनकी आय को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।
