सिहोरा तहसील में गुरुवार रात करीब 9 बजे दो पक्षों के बीच विवाद के बाद तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, एक धार्मिक स्थल के बाहर लगी रेलिंग क्षतिग्रस्त होने की बात पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव की घटना हुई। इस दौरान कुछ लोगों के आंशिक रूप से घायल होने की सूचना है। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
घटना सिहोरा के वार्ड क्रमांक पांच स्थित आजाद चौक की बताई जा रही है, जहां दुर्गा मंदिर और मस्जिद आमने-सामने हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात में मंदिर में आरती और मस्जिद में नमाज के दौरान कुछ युवकों के बीच कहासुनी हो गई, जिसने देखते ही देखते विवाद का रूप ले लिया। आरोप है कि नारेबाजी और ग्रिल क्षतिग्रस्त करने की कोशिश के बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव शुरू हो गया। करीब 10 मिनट तक हंगामे की स्थिति रही, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अतिरिक्त बल बुलाया गया। उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का उपयोग किया गया, जिसके बाद हालात काबू में आए। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मौके पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि किसी भी धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं पहुंचा है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घरों में रहने की अपील की है। शहर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है तथा देर रात तक खुले प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
सिहोरा क्षेत्र को संवेदनशील माना जाता है और पूर्व में भी यहां छोटे-मोटे विवाद की घटनाएं सामने आती रही हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आपसी कहासुनी को विवाद का कारण बताया जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वहीं कर्नाटक के बागलकोट में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया है। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छत्रपति शिवाजी की जयंती के मौके पर आयोजित शोभायात्रा के दौरान एक मस्जिद से पथराव किए जाने के बाद टकराव बढ़ा। बागलकोट में हालात नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को बलप्रयोग का सहारा लेना पड़ा। एक अन्य दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भी दो धर्मों के लोगों के बीच टकराव की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दो गुटों के लोगों ने जुलूस निकाले जाने के दौरान एक दूसरे के विरोध में जमकर नारेबाजी की। फिलहाल दोनों जगहों पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
