अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वे ईरान के साथ ओमाबा जैसी डील नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि या तो अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ भी नहीं होगा।
ट्रम्प ने ईरान के साथ होने वाले समझौते की आलोचना करने वाले नेताओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- जिन्हें ईरान के साथ होने वाले समझौते के बारे में कुछ भी नहीं पता है, वे भी इसकी बुराई कर रहे हैं।
ट्रम्प ने कहा कि ये लोग कमजोर हैं और सिर्फ देश को बांटते हैं। ट्रम्प ने यह भी कहा कि उनका संभावित समझौता 2015 के परमाणु समझौते जैसा नहीं होगा। ट्रम्प ने ओबामा के समझौते को आपदा बताया और दावा किया कि उससे ईरान के लिए परमाणु हथियार तक पहुंचने का रास्ता खुल गया था।
ट्रम्प का सोशल मीडिया पोस्ट
पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…
1. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रविवार को ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं।
2. ओमान के जरिए अमेरिका को मैसेज: ईरान ने ओमान के जरिए अपना मौखिक संदेश अमेरिका तक पहुंचाया। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक मैसेज ओमान के विदेश मंत्री तक पहुंचाया।
3. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।
4. अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल चिंतित: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते को लेकर इजराइल में चिंता बढ़ गई है। एक इजराइली अधिकारी ने कहा है कि इस समझौते से ईरान को यह मैसेज जाएगा कि वह होर्मुज का इस्तेमाल दबाव बनाने के हथियार की तरह कर सकता है।
