भोपाल नगर निगम के सदन में महापौर मालती राय बजट लेकर पहुंचीं है। अब पुराने अधूरे वादों के बीच भोपाल ‘शहर सरकार’ फिर नए वादे करेगी। भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग में करीब 3500 करोड़ रुपए का बजट पेश होगा। इसमें शहर के विकास से जुड़े कई मुद्दे रखे जाएंगे, जबकि पिछले 2 साल से किए जा रहे 7 हेरिटेज गेट, गीता भवन बनाने जैसे वादे अब भी अधूरे हैं।
1 साल में सिर्फ दो हेरिटेज गेट के लिए भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे और होशंगाबाद रोड पर भूमिपूजन हुआ है। इधर, गोमांस, नई बिल्डिंग और लोकायुक्त की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष की जिम्मेदारों को घेरने की रणनीति है।
मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था।
इससे पहले, बैठक में गोमांस को लेकर हंगामा चला। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने गोमांस और स्लॉटर हाउस पर पहला प्रश्न किया। इस पर एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने जवाब दिया। इस दौरान महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोंक-झोंक हुई।
बीजेपी के सीनियर पार्षद सुरेंद्र बाडिका और विलास राव घड़गे ने भी गोमांस के मुद्दे पर विरोध जताया। सभी ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
इस बीच, नईं पार्किंग व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव, कंडम (बेकार) वाहनों को हटाने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं, लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) हटाने का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया।
जानिए पिछले बजट में क्या था…
भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स में 10% का इजाफा, जलकर में 15 फीसदी की बढ़ोतरी पिछले बजट में परिषद ने जल, प्रॉपर्टी और ठोस एवं अपशिष्ट पर टैक्स बढ़ाने के साथ कुछ ऐसे फैसले भी लिए थे, जिन्होंने सबको चौंका दिया था। शहर सरकार ने जनता पर टैक्स का बोझ डाला था तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि यानी, पार्षद, एमआईसी मेंबर, अध्यक्ष और महापौर की सालाना निधि दोगुनी कर दी गई थी।
महापौर मालती राय ने सिटी बसों के लिए महापौर स्मार्ट पास शुरू करने की घोषणा की थी, जो एक साल में भी शुरू नहीं हो पाई। भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की बढ़ोतरी की गई। इससे भोपाल के पौने 3 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं।
