: भारत सरकार अमेरिका में मचे टैरिफ घमासान और उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उठाए गए नए और आक्रामक कदमों को लेकर पूरी तरह से सतर्क हो गई है। शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप की पुरानी टैरिफ नीतियों को ‘अवैध’ करार दिए जाने के बाद, अब केंद्र सरकार इन सभी ताजा घटनाक्रमों और भारतीय व्यापार पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभावों का बारीकी से अध्ययन कर रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद की स्थिति की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि देश के निर्यात पर पड़ने वाले असर को समझा जा सके।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने चला नया दांव
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के कड़े फैसले के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया दांव चलते हुए सभी देशों से होने वाले आयात पर 10 प्रतिशत का नया ग्लोबल टैरिफ लगाने का बड़ा ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने इस संबंध में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस बात की जानकारी देते हुए लिखा कि उन्हें ओवल ऑफिस से सभी देशों पर वैश्विक 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने के आदेश पर साइन करते हुए गर्व हो रहा है। ये नए टैरिफ नियम 24 फरवरी को भारतीय समयानुसार सुबह 10:31 बजे से तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगे।
आईईईपीए कानून के तहत लगाए गए टैक्स हुए थे रद्द
यह पूरा व्यापारिक विवाद शुक्रवार को तब गरमाया जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप शांति काल के दौरान पांच दशक पुराने ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) का इस्तेमाल करके इस तरह से टैरिफ नहीं लगा सकते। सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले के बाद भारत पर लगाए गए 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ का कानूनी आधार पूरी तरह से खत्म हो गया था। अर्थशास्त्रियों का मानना था कि इस कानूनी बदलाव के बाद ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जे के तहत भारत पर टैरिफ घटकर महज 3.5 प्रतिशत तक आ सकता था।
