विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले में आज पहला शाही स्नान संपन्न हो गया। मलमास मेले में शाही स्नान की शुरुआत सुबह 6 बजे से हुई, जो करीब चार घंटे बाद 10 बजे संपन्न हो गई। कुल 19 अलग-अलग अखाड़ों के साधु-संतों के साथ-साथ करीब 50 हजार लोगों ने पहले शाही स्नान में ब्रह्मकुंड में डुबकी लगाई। हर अखाड़े के साथ एक मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी।
राजगीर तपोवन तीर्थ रक्षार्थ पंडा समिति के सचिव विकास उपाध्याय ने सभी साधु संत, श्रद्धालु, जिला प्रशासन एवं पंडा कमेटी के लोगों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे तक लगभग 50000 श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है। इनमें साधु संत भी शामिल है और यह आंकड़ा शाम होते-होते एक लाख से भी ऊपर जाने का अनुमान है।
भव्य शाही स्नान में मुख्य रूप से खाक चौक, बड़ी संगत, धनियां पहाड़ी संगत, रजौली संगत, कैलाश आश्रम, कबीर पंथी, फलाहारी बाबा और सखी संप्रदाय के झुनकिया बाबा सहित विभिन्न अखाड़ों के महंत और साधु-संत शामिल हुए।
गुरुनानक कुंड से लेकर मुख्य ब्रह्मकुंड तक लगेगी डुबकी
शाही स्नान का पवित्र अनुष्ठान सुबह 6 बजे (ब्रह्म मुहूर्त) से शुरू हुआ, जो दोपहर एक बजे तक चलेगा। साधु-संतों का प्रथम शाही स्नान ब्रह्मकुंड में हुआ। यहां स्नान करने के बाद संतों का जत्था सरस्वती नदी, फिर सप्तधारा और अंत में मुख्य ब्रह्मकुंड में स्नान कर अनुष्ठान को पूरा किया।

