17 साल की लड़की और उसके दोस्तों ने मिलकर नए साल की पार्टी रखी। 31 दिसंबर 2025 की रात एक फॉर्मफाउस पर जश्न शुरू हुआ। नाबालिग के साथ एक लड़की और 5 लड़के थे। इनमें एक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार का 25 साल का बेटा साई भागीरथ भी था।
आरोप है कि पार्टी के दौरान भागीरथ ने नाबालिग पर शराब पीने का दबाव बनाया। इसके बाद उससे छेड़छाड़ करने लगा। भागीरथ नशे में धुत था। उसने लड़की को पहले गलत तरह से छुआ, फिर फिजिकल होने के लिए उकसाने लगा। लड़की अकेली पड़ गई, मजबूरी में विरोध नहीं कर सकी। घटना के बाद लड़की ने मां को आपबीती बताई। परिवार ने शिकायत कराने की कोशिश की, लेकिन उन पर केस न करने का दबाव डाला गया।
करीब 4 महीने बाद 8 मई को मां की शिकायत पर भागीरथ के खिलाफ पॉक्सो का मामला दर्ज हुआ। भागीरथ को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद केस में RSS को भी खींचने की कोशिश की गई। इस पर संघ ने बयान जारी कर कहा कि ये पूरी तरह से BJP का आंतरिक मामला है, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
24 घंटे पुलिस निगरानी में पीड़ित फैमिली, मीडिया पर पाबंदी
पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन हैदराबाद सिटी से 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। इसी थाने में पॉक्सो का मामला दर्ज कराया गया था। सुरक्षा को देखते हुए पीड़ित परिवार अभी पुलिस निगरानी में है। वे मीडिया से बात करने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि खतरा हो सकता है।
पीड़ित के रिश्तेदार ने हमें AIDSO यानी ऑल इंडिया स्टूडेंट डेमोक्रेटिक एसोसिएशन का नंबर दिया। ये संस्था विक्टिम की कानूनी लड़ाई लड़ रही और उसके लिए विरोध प्रदर्शन कर रही है। AIDSO में लीगल टीम की मेंबर वैशाली ने हमें केस से जुड़े लीगल डॉक्यूमेंट्स दिए। इसमें पीड़ित की मां के स्टेटमेंट और अहम जानकारियां शामिल हैं।
शिकायत में पीड़ित की मां ने बताया, ‘जून 2025 के आसपास मेरी बेटी की भागीरथ से पहचान हुई। इसके बाद इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के जरिए दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी। भागीरथ ने मेरी बेटी को बालिग होने पर शादी करने का झूठा भरोसा दिलाया और अपने जाल में फंसाया। उसका भरोसा जीतने के बाद भागीरथ उसे इमोशनली ब्लैकमेल करने लगा। इतना ही नहीं वो पढ़ाई-लिखाई और करियर से जुड़े फैसलों पर रोक लगाने लगा।’
’भागीरथ के संपर्क में रहने के दौरान मेरी बेटी को कई बार निजी अपार्टमेंट और फार्म हाउस में ले जाया गया, जहां उसे यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। खासतौर पर 31 दिसंबर, 2025 की रात, जब मोइनाबाद के फार्महाउस में उसे जबरदस्ती शराब पिलाई गई। फिर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। इस घटना के बाद 7 जनवरी 2026 को अचानक आरोपी ने उससे रिश्ता तोड़ दिया।
क्या BJP नेता विक्टिम को पहले से जानते थे?
पीड़ित की मां ने आरोप लगाया कि बेटी की हालत देखकर हमने मार्च से अप्रैल के बीच कोर्ट और वकीलों से संपर्क किया, तो हमें शिकायत वापस लेने की धमकी मिलने लगी। 21 अप्रैल 2026 को इसी दौरान भागीरथ के एक साथी ने निर्मल पुलिस स्टेशन में हमारे खिलाफ केस दर्ज करवाया। उसमें आरोप लगाया गया कि मेरी बेटी आरोपी को ब्लैकमेल कर रही और उससे पैसों की उगाही की कोशिश कर रही है।
पीड़ित पक्ष ने अपने स्टेटमेंट के पॉइंट नंबर-8 में कहा है कि 22 अप्रैल 2026 को उनसे संगप्पा नाम का शख्स मिला। उसने एक दिन बाद 23 अप्रैल को उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार से करवाई। इस मुलाकात के दौरान हम लोगों पर समझौता करने का दबाव डाला गया। हमें सुरक्षा का भरोसा दिलाने के बजाय डराया और धमकाया गया।
पीड़ित पक्ष के सरकारी वकील नागेश्वर राव ने बताया कि 16 मई को साइबराबाद पुलिस ने उसे अरेस्ट किया, तब पीड़ित परिवार को राहत मिली है। परिवार ने पुलिस को अपना स्टेटमेंट सौंप दिया है। इसके आधार पर पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वो 29 मई तक पुलिस रिमांड पर है।

